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मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ।सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में मां की हत्या और युवती के अपहरण की सनसनीखेज घटना के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है। गांव के सभी प्रवेश मार्गों पर पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की सख्त तैनाती की गई है। किसी भी बाहरी व्यक्ति अथवा राजनीतिक नेता को गांव में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।सख्त पहरे के चलते प्रमुख राजनीतिक दलों के कई नेता पीड़ित परिवार से मिलने की कोशिश के बावजूद गांव नहीं पहुंच सके। हालांकि, कुछ राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता खेतों और जंगल के रास्तों से पैदल चलते हुए गांव में प्रवेश करने में सफल रहे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।कैसे हुई घटनागांव कपसाड़ निवासी सतेंद्र जाटव गुरुवार सुबह अपनी पत्नी सुनीता (45) और बेटी रूबी (19) के साथ खेतों में गन्ना छिलाई के लिए जा रहे थे। जैसे ही मां-बेटी रजवाहे के नए पुल के पास पहुंचीं, तभी गांव के ही पारस सोम और सुनील सोम अपने तीन-चार साथियों के साथ वहां पहुंचे।आरोप है कि आरोपियों ने पिस्टल दिखाकर रूबी का अपहरण कर लिया। जब मां सुनीता ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने फरसे से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। उपचार के लिए उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सुनीता को मृत घोषित कर दिया।अंतिम संस्कार को लेकर बना था गतिरोधपोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। परिजनों की मांग थी कि जब तक बेटी को सकुशल बरामद नहीं किया जाता और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर डीआईजी, जिलाधिकारी और एसएसपी पहुंचे और पीड़ित परिवार से वार्ता की। प्रशासन ने लिखित रूप में 48 घंटे के भीतर युवती की बरामदगी, 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को योग्यता के अनुसार नौकरी देने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।राजनीतिक सरगर्मी तेजघटना के बाद गांव में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। सपा विधायक अतुल प्रधान, पूर्व विधायक योगेश वर्मा, मुकेश सिद्धार्थ, विधायक गुलाम मोहम्मद सहित कई नेताओं ने पीड़ित परिवार से मिलने का प्रयास किया।विधायक अतुल प्रधान ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से फोन पर पीड़ित परिवार की बात कराई, जिस पर सपा अध्यक्ष ने तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया। वहीं शाम को भाजपा नेता संगीत सोम भी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिलकर सरकार की ओर से आर्थिक सहायता व आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।शनिवार को और कड़ी हुई घेराबंदीशनिवार को किसी भी नेता के गांव पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने तड़के ही सख्त रणनीति अपनाई। गांव के हर रास्ते पर पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात कर दी गई, जिससे कई नेताओं को वापस लौटना पड़ा।हालांकि आजाद समाज पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और एआईएमआईएम के कुछ कार्यकर्ता जंगल के रास्ते से गांव पहुंचने में सफल रहे। वहीं समाजवादी पार्टी के मुजफ्फरनगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद हरेंद्र मलिक पुलिस घेराबंदी से पहले ही सुबह गांव पहुंच गए थे और पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की।पुलिस को मिली सफलताशनिवार शाम पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। अपहृत युवती रूबी को सकुशल बरामद कर लिया गया है और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।एसएसपी विपिन ताड़ा ने बताया कि क्षेत्र की फिजा बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गांव में फिलहाल तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

