मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ।सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में दलित महिला सुनीता की नृशंस हत्या और उनकी बेटी रूबी के अपहरण के बहुचर्चित मामले में रविवार शाम एक बेहद अहम और संवेदनशील कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस ने अपहृत युवती रूबी को पूरी गोपनीयता और सुरक्षा के बीच एसीजेएम द्वितीय की अदालत में पेश किया, जहां करीब 50 मिनट तक बंद कमरे में उसके बयान दर्ज किए गए। इस पूरी कार्रवाई की भनक न तो कचहरी परिसर में मौजूद मीडिया को लगी और न ही वहां डेरा डाले राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को।दरअसल, पहले यह जानकारी दी जा रही थी कि आरोपी और पीड़िता की पेशी सीजेएम कोर्ट में होगी। इस सूचना के फैलते ही दिनभर सीजेएम कोर्ट के बाहर मीडिया कर्मियों, अधिवक्ताओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा रही। लेकिन पुलिस ने रणनीति के तहत अंतिम समय में कोर्ट बदलते हुए रूबी को चुपचाप एसीजेएम द्वितीय की अदालत में पेश कर दिया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे और पूरे घटनाक्रम को पूरी तरह गोपनीय रखा गया।सीलबंद लिफाफे में दर्ज हुए बयानकोर्ट में रूबी के बयान दर्ज किए जाने के बाद उन्हें सीलबंद लिफाफे में बंद कर केस के विवेचक को सौंपा जाएगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बयान की सामग्री को फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया जाएगा और विवेचना के दौरान ही इसे साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। बयान दर्ज होने के बाद रूबी को पुलिस सुरक्षा में कोर्ट परिसर से बाहर ले जाया गया।मां की हत्या सामने, बेटी का अपहरणगौरतलब है कि कपसाड़ गांव में हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। आरोप है कि गांव निवासी पारस सोम ने अपने साथियों के साथ मिलकर दलित महिला सुनीता की निर्मम हत्या कर दी थी, जबकि उनकी बेटी रूबी का दिनदहाड़े अपहरण कर लिया गया था। इस घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया था और एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। तीन दिनों तक चले तनावपूर्ण माहौल के बीच पुलिस लगातार दबिश और छापेमारी कर रही थी।संयुक्त अभियान में हुई बरामदगीशनिवार देर शाम मेरठ और सहारनपुर पुलिस के संयुक्त अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली। मुख्य आरोपी पारस सोम को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि अपहृत युवती रूबी को हरिद्वार से सुरक्षित बरामद किया गया। बरामदगी के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली और सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।रिमांड पर लेकर होगी पूछताछएसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि आरोपी पारस सोम को न्यायालय से रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस वारदात में और कौन-कौन लोग शामिल थे, अपहरण के पीछे क्या उद्देश्य था और आरोपी ने फरारी के दौरान किन-किन लोगों से मदद ली।मेडिकल परीक्षण और आगे की कार्रवाईरविवार को रूबी का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया, जबकि आरोपी पारस सोम का मेडिकल टेस्ट अभी कराया जाना बाकी बताया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केस की मजबूती के लिए मेडिकल रिपोर्ट, रूबी के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को आपस में मिलान किया जाएगा।रूबी की गवाही होगी सबसे अहम कड़ीइस पूरे मामले में रूबी की गवाही को पुलिस और अभियोजन पक्ष सबसे अहम कड़ी मान रहे हैं। आरोप है कि रूबी के सामने ही उसकी मां की हत्या की गई थी। ऐसे में उसके बयान केस की दिशा और दशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल रूबी के बयान गोपनीय रखे गए हैं और विवेचना पूरी होने के बाद इन्हें अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा।

