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सरधना संवाददाता एन 20 न्यूज
सरधना । सरधना तहसील क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का मामला एक बार फिर सामने आया है। आरोप है कि खनन माफिया रात के अंधेरे का फायदा उठाकर जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए खेतों से मिट्टी निकाल रहे हैं। इस अवैध गतिविधि से आसपास के किसानों की खेती और जमीन को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।ग्रामीणों के अनुसार, रात के समय लगातार मिट्टी की खुदाई की जा रही है। जेसीबी मशीनों से खेतों की मिट्टी निकालकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर ले जाई जाती है। इससे न केवल खेतों की संरचना खराब हो रही है, बल्कि आसपास के किसानों की जमीन भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह खनन जारी रहा तो आने वाले समय में कई किसानों की खेती बर्बाद हो सकती है।ग्राम घर निवासी सनोज पुत्र राजवल सिंह, मनोज पुत्र राजबल और एसबीर पुत्र जयपाल के साथ ही ग्राम कालिन्द निवासी मोहन पुत्र निशान सिंह ने बताया कि उनके खेतों के बराबर में कृष्पाल पुत्र राजपाल और जसपाल पुत्र बाबू के खेत से रात के समय मिट्टी का खनन किया जा रहा है। उनका आरोप है कि जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाली जा रही है, जिससे आसपास के खेतों को नुकसान होने की संभावना है।ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार खनन कर रहे लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया। आरोप है कि कुछ दिन पहले जब उन्होंने इस अवैध खनन का विरोध किया तो उनके साथ अभद्रता भी की गई। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में डर और नाराजगी दोनों बढ़ गए हैं।ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन के कारण खेतों की जमीन कमजोर हो जाती है और बरसात के समय पानी भरने की समस्या भी बढ़ जाती है। इसके अलावा भारी वाहनों की आवाजाही से गांव की कच्ची सड़कों को भी नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खनन माफिया प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर यह काम कर रहे हैं और रात के समय गतिविधियां तेज कर देते हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो क्षेत्र में अवैध खनन का यह खेल और बढ़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर जांच कराई जाए और अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।पीड़ित ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए और रात के समय होने वाले खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए। साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए किसानों को होने वाले नुकसान की भरपाई कराने की भी मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता है तो वे इस मामले को लेकर उच्च अधिकारियों से भी शिकायत करेंगे और आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

