मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज़
रक्षाबंधन का पर्व इस बार भी सरधना क्षेत्र में पूरे उत्साह और पारिवारिक स्नेह के साथ मनाया गया। सुबह से ही घर-घर में तैयारियां जोरों पर थीं। बहनें थालियों में राखी, रोली, चावल और मिठाई सजाकर भाइयों की कलाई सजाने को तैयार हो रही थीं। जैसे ही सूरज ऊपर चढ़ा, बाजारों की रौनक बढ़ने लगी। मिठाई की दुकानों पर लंबी कतारें, राखी की दुकानों पर बच्चों और महिलाओं की भीड़, और कपड़ों के शोरूम पर मोलभाव का दौर देखने को मिला।रक्षाबंधन पर सुबह से शाम तक सरधना की सड़कों पर वाहनों का दबाव इतना बढा रहा कि जगह-जगह जाम लग गया। बिनोली रोड, गंज बाजार लश्कर गंज रामलीला रोड बस स्टैंड पुलिस चौकी चौराहा तहसील रोड पर तो हालात ऐसे बने कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। पुलिस कर्मी लगातार भीड़ को नियंत्रित करने और वाहनों को निकालने में जुटे रहे, लेकिन कई जगह लोग घंटों तक फंसे रहे।त्योहार के मौके पर दूर-दराज से आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ गई। बस स्टैंड पर सुबह से ही भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाएं और बच्चे हाथों में उपहार और मिठाई के डिब्बे लिए बसों का इंतजार करते नजर आए। अतिरिक्त बसें चलाने के बावजूद हर बस खचाखच भरी हुई थी। कई यात्री बसों में सीट न मिलने के कारण खड़े होकर सफर करने को मजबूर हुए।त्योहार पर लड्डू और अन्य पारंपरिक मिठाइयों की मांग अचानक बढ़ने से बाजार में बेसन की किल्लत हो गई। मिठाई विक्रेताओं ने बताया कि स्टॉक खत्म होने से उन्हें कुछ ऑर्डर रद्द करने पड़े। कई ग्राहक बाजार में इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन उन्हें मनचाही मिठाई नहीं मिल पाई।इस अफरा-तफरी का सबसे ज्यादा फायदा टेंपो चालकों को हुआ। उन्होंने यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर किराए में मनमानी बढ़ोतरी कर दी। सामान्य दिनों में 10 रुपये का किराया 15 से 20 रुपये तक वसूला गया। यात्री शिकायत करते रहे, लेकिन विकल्प न होने के कारण उन्हें बढ़ा हुआ किराया चुकाना पड़ा।भीड़भाड़ और यातायात की दिक्कतों के बावजूद बाजारों में त्योहार का रंग फीका नहीं पड़ा। दुकानों पर सजावट और रोशनी, गली-मोहल्लों में बच्चों की चहल-पहल और घर-घर से आती मिठाइयों की खुशबू से पूरा शहर रक्षाबंधन के रंग में डूबा रहा। देर रात तक लोगों का आना-जाना जारी रहा और बाजारों में रौनक बनी रही।

