वन विभाग जंगली जानवर के पद चिन्ह बताकर झाड़ रहा पल्ला।
शौहिद सैफी संवाददाता परीक्षितगढ़
परीक्षितगढ़ – क्षेत्र के ग्राम सौंदत में बीती रात खेत पर सिंचाई करने गया किसान पर गुलदार ने जानलेवा हमला कर दिया। किसान ने लहुलुहान अवस्था में बाइक द्वारा अपने गांव पंहुचा तथा परिजनों को जानकारी दी। वही परिजनों ने घायल किसान को मेरठ के निजि अस्पताल में भर्ती कराया। जहां किसान की हालत गंभीर होने पर दिल्ली रैफर कर दिया। सोमवार सुबह वन विभाग की टीम मौके पर पंहुची और जॉच कर जानवर के पद चिन्ह लेते हुए वापस लौट आई वनक्षेत्राधिकारी विनोद कुमार संजवाण ने बताया कि किसान पर किसी जंगली जानवर ने हमला किया है। गुलदार होने की पुष्ठि नही हो पाई है। गांव सौंदत निवासी मतलूब पुत्र इसरार उम्र ५५ वर्षीय रविवार की देर शाम सौंदत बौंद्ररा संपर्क मार्ग स्थित अपने खेत पर नलकूप से सिंचाई करने गया हुआ था। बीती रात करीब साढ़े बारह बजे किसान मतलूब पर खेत पर ही पीछे से अचानक गुलदार ने हमला कर दिया। जिससे किसान नीचे गिर गया। गुलदार के हमले से छाती, पेट, सीधे हाथ को जख्मी कर दिया।

किसान द्वार टॉर्च की रोशनी गुलदार की आंखों पर पड़ने पर वह घबराकर खेतों के रास्ते फरार हो गया। किसान लहुलहुहान अव स्था में नलकूप पर पहुंचा और वहां खड़ी बाइक स्टॉट कर लहु लुहान अवस्था में अपने घर पहुंचा। लहु लुहान अवस्था में देख परिजन घबरा गए। किसान पर गुलदार द्वार हमले करने की खबर जैसे ही गांव के लोगों को मिली। सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीण लाठी डंडे व ट्रॉर्च लेकर मौके पर पहुंचे और पद् चिन्हों के निशानों का पीछा करते हुए आस पास के खेतों में तलाश की। लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। घायल किसान को परिजनों ने उपचार के लिए मेरठ निजि अस्पातल में भर्ती कराया। चिकित्सक ने हालत गंभीर होने पर दिल्ली अस्पताल को रेफर कर दिया। सोमवार सुबह वनक्षेत्राधिकारी विनोद कुमार संजवाण टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जानवर के पद चिंहों की जांच कर बताया कि पद् चिन्हों गुलदार के प्रतीत नहीं हो रहे है। ऐसा लगात है। किसान पर किसी जंगली जानवर ने हमला किया है। दो वर्षों में कई गांवों में दिख चुका है। तेदुआ व गुलदार। ग्राम अगवानपुर, नीमका, आलमगिरपुर बढ़ला १२, सौंदत, सौफरी, गेसूपुर, आदि गांवों में तंदुए ने किसानों पर हमला भी कर चुका है। किसानों ने वन विभाग से इस मामले की शिकायत की थी। लेकिन वन कर्मी जंगली जानवर बताकर पल्ला नाड़ लेते है। जिससे कई गांव के किसानों में दहशत व्याप्त है।।

