मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ।प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ आदेश दिए हैं कि अब किसी भी वाहन पर जाति का नाम लिखने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके लिए पुलिस प्रशासन को चालान व एफआईआर दर्ज करने तक के निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार का तर्क है कि जाति लिखना समाज में भेदभाव को बढ़ावा देता है और इसे किसी भी कीमत पर रोकना जरूरी है।लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब कानून की रखवाली करने वाले पुलिस वाले ही नियम तोड़ने में सबसे आगे दिखें, तो फिर आम जनता पर इस आदेश का असर कैसे होगा? हकीकत यह है कि जिले के ज्यादातर पुलिस विभाग से जुड़े वाहनों पर बड़े-बड़े अक्षरों में जाति लिखी गई है।दूसरी ओर जिले भर में छोटे-बड़े वाहनों, बाइक और कार से लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली तक पर जाति लिखने का चलन तेजी से बढ़ रहा है

। लोग इसे अपनी शान और स्टेटस सिंबल मानते हैं। सुबह से शाम तक सड़कों पर गुजरते वाहनों पर “जाति पहचान” खुलेआम देखी जा सकती है।अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद वाकई इस प्रवृत्ति पर अंकुश लग पाता है या फिर पुलिस वालों की तरह आम लोग भी इस नियम को ताक पर रखकर जाति लिखने की होड़ में आगे बने रहेंगे।

