नोएडा-ग्रेटर संवाददाता एन 20 न्यूज
नोएडा। विजयादशमी से दीपावली तक मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली और नोएडा को गंगाजल की आपूर्ति बंद रहेगी। इस दौरान शहरों में पेयजल संकट गहरा सकता है। गंगनहर के एक्सईएन विकास त्यागी ने जानकारी दी कि हरिद्वार से आने वाली गंगनहर की वार्षिक सफाई को देखते हुए 2 अक्तूबर (विजयादशमी) से 20 अक्तूबर (दीपावली) तक गंगाजल की आपूर्ति पूरी तरह रोक दी जाएगी।हर साल दशहरे से दीपावली तक गंगनहर की सफाई की जाती है। इस अवधि में नहर में पानी छोड़ा नहीं जाता ताकि वार्षिक मरम्मत और सिल्ट की सफाई हो सके। सफाई के बाद ही गंगाजल की सप्लाई पुनः शुरू की जाएगी। इस बार सफाई का शेड्यूल 2 अक्तूबर से 20 अक्तूबर तक तय किया गया है।नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली के कई इलाके गंगाजल पर निर्भर हैं। गंगाजल सप्लाई रुकने से पेयजल की बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है। इसके बावजूद अब तक पानी को स्टोर करने के लिए ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं। लोगों को टैंकर या वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ सकता है नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक आरपी सिंह ने कहा कि गंगाजल सप्लाई बंद रहने के दौरान शहर में पानी की किल्लत न हो, इसके लिए इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि करीब 10 रैनीवेल और 300 ट्यूबवेल के जरिए पानी की सप्लाई की जाएगी। प्राधिकरण का दावा है कि इस दौरान उपभोक्ताओं को पानी की गंभीर दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।गंगाजल सप्लाई बंद होने की सूचना मिलते ही उपभोक्ताओं में चिंता बढ़ गई है। गंगाजल का उपयोग न केवल पीने बल्कि रसोई और धार्मिक कार्यों में भी होता है। लोग आशंका जता रहे हैं कि ट्यूबवेल और रैनीवेल से मिलने वाला पानी पर्याप्त नहीं होगा। साथ ही, उसका स्वाद और गुणवत्ता गंगाजल जैसी नहीं रहती।हर वर्ष दशहरे से दीवाली तक गंगाजल बंद रहता है, लेकिन प्राधिकरण के पास अब तक पानी स्टोर करने के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। इसके चलते उपभोक्ताओं को हर साल पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है। यदि गंगाजल बंदी के दौरान शहरों में जल संकट टालना है, तो प्राधिकरण को दीर्घकालिक योजना बनानी होगी। स्टोरेज टैंक और जल पुनर्चक्रण की आधुनिक तकनीकें ही भविष्य में इस समस्या का स्थायी समाधान दे सकती हैं।

