मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
सरूरपुर। थाना क्षेत्र के पांचली बुजुर्ग गांव स्थित एक ईंट भट्ठे पर डकैती की सूचना पुलिस जांच में पूरी तरह झूठी निकली। मजदूरों को फंसाने की नीयत से बनाई गई इस साजिश का खुलासा होने के बाद पुलिस ने भट्ठा मालिक और मुनीम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।गुरुवार को पुलिस को सूचना दी गई थी कि रात को कुछ मजदूरों ने मुनीम के कमरे में घुसकर करीब पांच लाख रुपये लूट लिए। कहा गया कि मजदूर फोन चार्ज करने के बहाने कमरे में पहुंचे और तमंचा दिखाकर अलमारी खुलवा ली। यह भी बताया गया कि मुनीम को बेहोश कर दिया गया था।मामला गंभीर होने के कारण पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। कॉल डिटेल और व्हाट्सएप संदेशों की जांच में कई बातें संदिग्ध मिलीं। जब मजदूरों और ठेकेदार से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि 8 फरवरी को उन्हें 1.10 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे। तीन दिन काम करने के बाद पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद मजदूर काम छोड़कर अपने घर लौट गए। मजदूरों ने डकैती की घटना से साफ इनकार किया।इसके बाद पुलिस ने भट्ठा मालिक और मुनीम से सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि मजदूर एडवांस लेकर चले गए थे। उनसे पैसा वापस लेने और दबाव बनाने के लिए उन्होंने डकैती की झूठी कहानी बनाई थी।जांच में डकैती की घटना पूरी तरह झूठी पाई गई। पुलिस ने दोनों के खिलाफ झूठी सूचना देने और साजिश रचने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेशी के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।थाना प्रभारी गौरव सिंह ने बताया कि जांच में डकैती की सूचना पूरी तरह झूठी पाई गई है।

