मेरठ ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को मेरठ के सलावा गांव में निर्माणाधीन मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को 31 मई तक निर्माण कार्य पूर्ण कराने के स्पष्ट निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम उत्तर प्रदेश खेल क्षेत्र में प्रदेश का नेतृत्व करेगा और यह विश्वविद्यालय देश-प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी देने में अहम भूमिका निभाएगा।निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर बन रहा यह प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय है, जो खिलाड़ियों के सपनों को साकार करेगा।

उन्होंने कहा कि मेरठ ओलंपियनों की धरती रहा है और यहां के अनुभवी खिलाड़ी व प्रशिक्षक खेल अकादमी के संचालन में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। विश्वविद्यालय के संचालन में प्रदेश सरकार हरसंभव सहयोग करेगी।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खेल विश्वविद्यालय में ऐसे पाठ्यक्रम तैयार किए जाएं, जो कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों तक खिलाड़ियों का मार्ग प्रशस्त करें। उन्होंने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही स्थायी और योग्य फैकल्टी की तैनाती सुनिश्चित की जाए। फैकल्टी पार्ट-टाइम नहीं, बल्कि पूर्णकालिक रूप से यहीं कार्य करे।मुख्यमंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालय का नया लोगो और ध्वज तैयार हो चुका है। उन्होंने कहा कि देश में नई खेल संस्कृति का विकास हुआ है, जिसमें सांसद खेल प्रतियोगिता ने अहम भूमिका निभाई है।

जनपद स्तर पर स्टेडियम और ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम का निर्माण कर खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में खेल शिक्षा की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। प्रदेश सरकार की ‘एक जिला, एक उत्पाद’ योजना के तहत मेरठ को खेल उत्पाद के रूप में चुना गया है, जिससे स्थानीय उद्यम, रोजगार और वैश्विक पहचान को बढ़ावा मिलेगा।मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि खेल विश्वविद्यालय का कुल क्षेत्रफल 100 एकड़ होगा। यहां 12 नियमित खेल पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। अगस्त 2025 में पाठ्यक्रम प्रारंभ हो चुके हैं और नया शैक्षणिक सत्र विश्वविद्यालय परिसर से ही संचालित किया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार खेल को लगातार प्रोत्साहित कर रही हैं। अनुभवी और पुराने खिलाड़ियों को कोच के रूप में नियुक्त किया जाएगा तथा हर मंडल में खेल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने निर्माण की गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय प्रदेश के खेल भविष्य की दिशा तय करेगा।

