मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज़
जानी खुर्द: भोला झाल पहुंचे गुरुकुल प्रभात आश्रम टीकरी के कुलाधिपति पूज्य स्वामी विवेकानंद सरस्वती ने कहा कि श्रावण मास में कावड़ लाकर शिवालयों में जल चढ़ाना हमारी हजारों लाखों वर्ष पुरानी पूजा पद्धति का हिस्सा है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर देश के अनेक हिस्सों में अपने अपने शिवालयों में जल चढ़ाने वाले भोले बड़ी संख्या में क्षेत्र की चौधरी चरणसिंह कावड़ पटरी मार्ग से गुजर रहे हैं।आज गुरुकुल प्रभात आश्रम टीकरी के कुलाधिपति पूज्य स्वामी विवेकानंद सरस्वती जी ने भोला झाल पर पहुंच कर वहां से गुजर रहे कावड़ियों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया।इस मौके पर पूज्य स्वामी विवेकानंद सरस्वती जी के दर्शनों को भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूज्य स्वामी जी ने कावड़ियों की सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली और साधकों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। स्वामी विवेकानंद सरस्वती जी ने कहा कि श्रावण माह में हरिद्वार से जल लाकर शिवालयों में भगवान आशुतोष को गंगा जल अर्पित करना हमारी हजारों लाखों वर्ष पुरानी परम्परा है।यह परम्परा हमें हमारे धर्म, सनातन संस्कृति से जोड़ती है।इस मौके पर ज्ञानेंद्र शर्मा टिकरी, सुबोध कुमार,थाना प्रभारी निरीक्षक महेश राठौर,आदेश यादव, डॉ चिकारा, गुलाब प्रधान आदि प्रमुख रूप से थे।

