मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ। होली के त्योहार को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से एनवायरमेंट क्लब द्वारा भारत माता चौक/बेगमपुल चौराहे पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्लब सदस्यों ने आमजन से अपील की कि होलिका दहन के लिए हरे-भरे पेड़ों को काटने के बजाय गोबर के उपले या सूखी लकड़ियों का उपयोग करें।क्लब के सदस्यों ने बताया कि होली जैसे बड़े त्योहार पर यदि जगह-जगह हरे पेड़ों को काटकर लकड़ी जलाई जाती है, तो इसका पर्यावरण पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। त्योहारों को इस तरह मनाना चाहिए जिससे प्रकृति का संतुलन बना रहे और संसाधनों की रक्षा हो सके।क्लब संस्थापक सावन कनौजिया ने कहा कि गोबर एक प्रकार का वेस्ट मैटेरियल है, जिसका उपयोग होलिका दहन में किया जा सकता है। इससे न केवल पेड़ों की कटाई रुकेगी, बल्कि पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि हरे पेड़ों को काटना गैरकानूनी है और इसके लिए वन विभाग से अनुमति आवश्यक होती है।उन्होंने उन लोगों पर भी सवाल उठाए जो होली के दिन पानी बचाने की अपील का मजाक उड़ाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि लोग सालभर पानी संरक्षण नहीं करते, तो उन्हें उसे व्यर्थ बहाने का कोई अधिकार नहीं है।कार्यक्रम के दौरान “मत लो तुम पेड़ों की जान, धरती होगी रेगिस्तान”, “जल ही जीवन है” और “गोबर की होली जलाएंगे” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही अपील की गई कि होली पर कम से कम पानी का इस्तेमाल करें और जल संरक्षण को अपनाएं।इस मौके पर सावन कनौजिया, सितांशु सक्सेना, विंदु, धान्या कनौजिया, वंश मित्तल, महक शर्मा और हर्षिता वशिष्ठ सहित कई सदस्य मौजूद रहे।

