ज्ञापन सौंपकर की कार्रवाई की मांग, रास्तों में लटकती बिजली की तारें बनीं जानलेवा संकट, विभाग की अनदेखी से गहरा आक्रोश
मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज़
मेरठ। सरधना नगर के मोहल्ला गढ़ी खटीकान में बिजली की बुनियादी सुविधाओं को लेकर वर्षों से लोग संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन विद्युत विभाग की लापरवाही अब लोगों की जान पर भारी पड़ने लगी है। इस मोहल्ले में वर्षों पूर्व उपभोक्ताओं को बिजली के कनेक्शन तो जरूर दे दिए गए, लेकिन आज तक न तो बिजली के खंभे लगाए गए और न ही कोई स्थायी लाइन व्यवस्था की गई। स्थिति इतनी गंभीर है कि दो गलियों में घरों से मीटर की केबलें खिंचकर सड़कों के ऊपर से गुजरती हुई दूर के खंभों से जोड़ी गई हैं। ये केबलें खुले में लटकी हुई हैं, जो न सिर्फ दुर्घटना को न्योता दे रही हैं, बल्कि आमजन की जान के लिए खतरा भी बन चुकी हैं। बारिश के दिनों में करंट फैलने की आशंका और अधिक बढ़ जाती है। कई बार राह चलते लोगों और बच्चों के इन तारों से टकराने के मामले भी सामने आ चुके हैं, लेकिन गनीमत यह रही कि अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

करीब पंद्रह दिन पहले जब विभाग ने क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य शुरू किया तो मोहल्लेवासियों ने इसका विरोध करते हुए सबसे पहले पोल और लाइन लगाने की मांग की थी। लोगों का कहना है कि जब पुराने तार और खंभे ही नहीं हैं, तो स्मार्ट मीटर लगाने का क्या औचित्य? इसके बावजूद भी विभाग ने जबरन मीटर लगाए, लेकिन जिनके पास पहले से असुरक्षित कनेक्शन था, उनकी हालत जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के घरों पर स्मार्ट मीटर तक नहीं लगाए गए, जबकि आम लोगों पर विभाग द्वारा दबाव बनाकर जबरन मीटर लगाए गए। स्थानीय पार्षद कविता निर्दोष के पति डॉ. निर्दोष के नेतृत्व में मोहल्ले के सैकड़ों लोग उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और एसडीएम की अनुपस्थिति में तहसीलदार रवि कुमार को एक लिखित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि मोहल्ले में तत्काल विद्युत पोल व लाइन की व्यवस्था की जाए, ताकि लोग सुरक्षित रूप से बिजली का उपभोग कर सकें।ज्ञापन देने वालों में चरण सिंह, अजय कुमार, मंजू देवी, गीता, शहनाज़, रुबीना, इरफान, संतोष, सुनीता समेत कई महिला और पुरुष शामिल रहे। सभी ने प्रशासन से जल्द कार्यवाही की मांग करते हुए चेताया कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे विद्युत विभाग के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। स्थानीय निवासी अजय कुमार ने कहा कि “हम पिछले कई वर्षों से बिजली पोल और तार खिंचवाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन केवल आश्वासन ही मिलते रहे। अब जब घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, तो सवाल यह है कि जब ढांचा ही अधूरा है, तो तकनीकी बदलाव किस काम का?” मोहल्ले की ही एक अन्य महिला, मंजू देवी ने कहा, “बच्चे बाहर खेलने से डरते हैं क्योंकि तारें बिल्कुल सिर के ऊपर लटक रही हैं। एक बार बारिश में करंट फैल गया था, और उस दिन से हम सभी भय के साए में जी रहे हैं।”

