नगर पंचायत सिवालखास का व्यक्ति बताकर गांव-गांव घूमने का आरोप, खाद्य विभाग ने पल्ला झाड़ा
मेरठ विशेष संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ। जानी थाना क्षेत्र में खाद्य विभाग के नाम पर कथित अवैध उगाही का मामला सामने आया है। क्षेत्र के कई दुकानदारों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नगर पंचायत सिवालखास का एक व्यक्ति खुद को खाद्य विभाग से जुड़ा बताकर गांव-गांव घूम रहा है और खाने-पीने का सामान बनाने तथा बेचने वाले दुकानदारों से सैंपल भरने के नाम पर पैसे वसूल रहा है।स्थानीय लोगों के अनुसार उक्त व्यक्ति जानी क्षेत्र के विभिन्न गांवों और बाजारों में पहुंचकर दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई का डर दिखाता है। वह दुकानदारों से कहता है कि उनके यहां बनाए जा रहे खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जाएंगे और यदि सैंपल मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए तो भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इसी डर का फायदा उठाकर वह दुकानदारों से पैसे लेकर मामला निपटाने की बात करता है। कई दुकानदारों का आरोप है कि वह सैंपल भरने की कार्रवाई का हवाला देकर उनसे अवैध रूप से रकम वसूल रहा है।दुकानदारों का कहना है कि शुरुआत में उन्हें लगा कि वह वास्तव में खाद्य विभाग का अधिकारी या कर्मचारी है, लेकिन बाद में अलग-अलग स्थानों से इसी तरह की शिकायतें सामने आने पर लोगों को शक हुआ। इसके बाद कुछ व्यापारियों और क्षेत्रवासियों ने इस पूरे मामले की जानकारी जुटाने की कोशिश की और संबंधित विभाग से संपर्क किया।इस संबंध में जब खाद्य सुरक्षा विभाग के क्षेत्रीय इंस्पेक्टर से बातचीत की गई तो उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग में इस नाम का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी तैनात नहीं है। उनका कहना है कि विभाग की ओर से जब भी किसी दुकान या प्रतिष्ठान से सैंपल लिया जाता है तो पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत की जाती है और अधिकारियों की पहचान भी स्पष्ट होती है। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग का कोई भी कर्मचारी इस तरह से व्यक्तिगत रूप से जाकर पैसे नहीं वसूलता।क्षेत्रीय इंस्पेक्टर ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति खाद्य विभाग का नाम लेकर इस प्रकार अवैध वसूली कर रहा है तो यह गंभीर मामला है। शिकायत मिलने पर विभाग द्वारा इसकी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।वहीं दूसरी ओर इस घटना को लेकर क्षेत्र के व्यापारियों और ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में और भी लोग विभागों का नाम लेकर आम लोगों को ठगने की कोशिश कर सकते हैं।स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जो भी व्यक्ति खाद्य विभाग के नाम पर अवैध उगाही कर रहा है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र के दुकानदारों और आम लोगों को इस तरह की ठगी से बचाया जा सके। क्षेत्रवासियों का यह भी कहना है कि उक्त व्यक्ति को कई बार जानी क्षेत्र के खाद्य विभाग के इंस्पेक्टर वीरेश पाल के साथ भी देखा गया है, जिससे मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

